Molvi RK Mohammed
November 06, 2016
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1. स्त्री जिन दिनों रजस्वला
हो उन दिनों पांच अखण्डित लौंग लेकर उन्हें अपनी भग मे सारी रात भिगोवें| ततयपशचत उन
लोंगो को पीसकर जिस पुरुष के मस्तक पर डाले, वह उसके वश मे रहता है|
2. पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र
मे अनार तोड़ लाए| उस अनार की धुप देकर अपनी दायी भुजा मे बाधकर जाएं तो प्रत्येक वशीभूत
हो जाएगा|
3. साबुत काले उड़द मे
मेहंदी मिलाकर जिस दिशा मे वर या वधू का घर हो उस तरफ फेंक देने से वर वधू मे प्यार
बढ़ता है| क्लेश समाप्त हो जाता है| यह क्रिया जहा पर विवाह हुआ है| वहा से ही करनी
है|
4. परिवार मे सुख शांति
और समृद्धि के लिए प्रतिदिन प्रथम रोटी के चार बराबर भाग करे, एक गऊ को, दूसरा काले
कुते को, तीसरा कौए को और चौथा चौराहे पर रख दें|
5. भोज पत्र के ऊपर लाल
चदन से शत्रु का नाम लिखकर शहद मे डूबा देने से शत्रु वशीभूत हो जाता है|
6. चिता की भस्म, कूठ,
वच, तगर और कुमकुम इन सबको एक साथ पीसकर स्त्री के मस्तक पर और पुरुष के पांच के नीचे
डालने से वह वशीभूत हो जाता है|
7. हल्दी, गौमूत्र, घी,
सरसो और पान के रस को एकत्र पीसकर शरीर पर लगाने से सित्रयां वशीभूत होती है|
8. विजोरे की जड़ और धतूरे
के बीज को प्याज के साथ महीन पीसकर जिसे सुघाया जाए वह वश मे हो जाता है|
9. काकजंघा, तगर, केसर
आदि मैनसिल इन सब को एक साथ पीसकर स्त्री के मस्तक पर और पुरुष के पांव के नीचे डालने
से वह वशीभूत हो जाते है|
10. तगर, कूठ, हरताल और
केसर इनको समभाग मे लेकर अनामिका उगली के रक्त मे पीसकर मस्तक पर तिलक लगाने से देखने
वाले सब लोग वशीभूत हो जाते है|
